पवन सिंह की कोर्ट में गैरहाजिरी पड़ी भारी, बलिया फैमिली कोर्ट ने लगाया ₹1,000 जुर्माना; ज्योति सिंह केस में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर
बलिया: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह से जुड़े वैवाहिक विवाद में एक बार फिर अदालत की सख्ती सामने आई है। पत्नी ज्योति सिंह की ओर से दाखिल भरण-पोषण से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान पवन सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। लगातार दूसरी बार सुनवाई में गैरहाजिर रहने पर बलिया परिवार न्यायालय ने उन पर 1,000 रुपये का हर्जाना लगाया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है।
यह मामला पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद से जुड़ा है। 9 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह अपने अधिवक्ता के साथ अदालत में मौजूद रहीं, जबकि पवन सिंह अदालत में पेश नहीं हुए। पवन सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता ने उनकी अनुपस्थिति का कारण बताया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वकील की ओर से क्षेत्र में बाढ़ के कारण रास्ता बाधित होने की बात अदालत के सामने रखी गई थी। इसके बावजूद लगातार दूसरी अनुपस्थिति को देखते हुए अदालत ने जुर्माना लगाया।
पवन सिंह का बयान दर्ज होना था
मामले की मौजूदा कार्यवाही में पवन सिंह की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, सुनवाई के दौरान उनका पक्ष और बयान दर्ज किया जाना था। इससे पहले भी एक सुनवाई में उनकी गैरहाजिरी का उल्लेख सामने आया था।
9 सितंबर की सुनवाई में अदालत ने उनकी अनुपस्थिति पर 1,000 रुपये का हर्जाना लगाया और अगली तारीख पर उपस्थित होने के निर्देश दिए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
क्या है पवन सिंह और ज्योति सिंह का मामला?
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को हुई थी। दोनों के रिश्ते में बाद में विवाद सामने आया और मामला अदालत तक पहुंच गया। पवन सिंह की ओर से आरा स्थित पारिवारिक न्यायालय में तलाक से संबंधित कार्यवाही शुरू किए जाने के बाद ज्योति सिंह ने भी बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण से संबंधित याचिका दाखिल की थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण की याचिका दाखिल की थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए अदालत की ओर से काउंसलिंग की प्रक्रिया भी हुई, लेकिन मामला अभी तक पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
ज्योति सिंह की भरण-पोषण की मांग कितनी है?
इस मामले में ज्योति सिंह की ओर से भरण-पोषण की मांग की गई है। उपलब्ध हालिया रिपोर्टों में हर महीने 5 लाख रुपये की मांग का उल्लेख है।
सोशल मीडिया और कुछ वीडियो रिपोर्टों में इससे अलग रकम को लेकर दावे किए जा रहे हैं, लेकिन खबर लिखते समय अदालत के ताजा घटनाक्रम से पुष्ट तथ्य के रूप में 5 लाख रुपये प्रतिमाह की मांग का उल्लेख ही सुरक्षित है। इसलिए इसे “अदालत ने 5 लाख रुपये देने का आदेश दे दिया” के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए। यह ज्योति सिंह की ओर से की गई मांग है, अंतिम न्यायिक आदेश नहीं।
यही अंतर खबर को तथ्यात्मक और कानूनी रूप से सही रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या ज्योति सिंह ने कोई ‘फाइनल डिमांड’ रखी है?
सोशल मीडिया और वीडियो रिपोर्टों में ज्योति सिंह की ओर से “फाइनल डिमांड” किए जाने की चर्चा की जा रही है। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि अदालत ने किसी “फाइनल डिमांड” को मंजूरी दे दी है या पवन सिंह को कोई अंतिम भुगतान करने का आदेश जारी हो चुका है।
फिलहाल अदालत में भरण-पोषण से संबंधित मामला विचाराधीन है और दोनों पक्षों की दलीलों तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
इसलिए इस मामले में यह कहना अधिक सटीक होगा कि ज्योति सिंह की ओर से भरण-पोषण की मांग की गई है, जबकि इस पर अंतिम फैसला अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा।
दूसरी बार गैरहाजिरी पर कोर्ट का सख्त रुख
इस मामले में सबसे ताजा घटनाक्रम पवन सिंह की लगातार दूसरी गैरहाजिरी और उस पर लगाए गए जुर्माने से जुड़ा है। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्टों के मुताबिक, 11 अगस्त की पिछली तारीख पर भी उनकी उपस्थिति अपेक्षित थी, लेकिन वह अदालत में नहीं पहुंचे थे। इसके बाद 9 सितंबर की सुनवाई में भी उनकी गैरहाजिरी रही।
अदालत ने दूसरी बार अनुपस्थिति के बाद 1,000 रुपये का हर्जाना लगाया और अगली तारीख पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
5 अक्टूबर की सुनवाई पर रहेगी नजर
अब इस पूरे मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 5 अक्टूबर 2026 है। इस तारीख पर पवन सिंह की अदालत में मौजूदगी और मामले में आगे की कार्यवाही पर नजर रहेगी।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अगली सुनवाई में तलाक या भरण-पोषण के मामले पर अंतिम फैसला हो जाएगा। अदालत में चल रही वैवाहिक और भरण-पोषण संबंधी कार्यवाही अपने कानूनी चरणों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
पवन सिंह की राजनीति का जिक्र क्यों आया?
पवन सिंह का नाम मनोरंजन के साथ-साथ राजनीति में भी चर्चा में रहा है। 2025 में उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने सार्वजनिक बयानों में पवन सिंह के लंबे समय से भाजपा से जुड़े होने और टिकट नहीं मिलने को लेकर अपनी बात रखी थी। कुछ रिपोर्टों में ज्योति सिंह के हवाले से पवन सिंह के करीब 19-20 वर्षों से भाजपा कार्यकर्ता होने की बात सामने आई थी। इसे ज्योति सिंह का बयान मानकर ही रिपोर्ट करना उचित है, न कि स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल पवन सिंह और ज्योति सिंह से जुड़ा वैवाहिक विवाद न्यायिक प्रक्रिया में है। बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण संबंधी मामले की सुनवाई जारी है और अगली तारीख 5 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
9 सितंबर की सुनवाई में पवन सिंह पर लगा 1,000 रुपये का हर्जाना इस समय इस मामले का सबसे नया अदालत संबंधी घटनाक्रम है। वहीं, ज्योति सिंह की ओर से भरण-पोषण की मांग और पवन सिंह की ओर से अदालत में अपना पक्ष रखने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
ऐसे में अगली सुनवाई में क्या पवन सिंह स्वयं अदालत में उपस्थित होते हैं और मामले में क्या नया पक्ष सामने आता है, इस पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल तलाक, भरण-पोषण या किसी कथित “फाइनल डिमांड” पर अंतिम निर्णय हो चुका है, ऐसा कहना सही नहीं होगा।
नोट: इस खबर में अदालत की कार्यवाही और उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं। ज्योति सिंह या पवन सिंह से जुड़े आरोपों/दावों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। भरण-पोषण की रकम मांग है, अदालत का अंतिम आदेश नहीं।