Nestlé Baby Food पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, जांच में सामने आई ये कमी
भारत में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने Nestlé के एक शिशु आहार उत्पाद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान Nestlé के एक follow-up formula milk product में बायोटिन यानी Vitamin B7 की मात्रा भारतीय मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। FSSAI की दोबारा जांच में भी यह उत्पाद तय मानक पर खरा नहीं उतरा।
यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब भारत में पैकेज्ड फूड और खासकर बच्चों के लिए बनाए जाने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले उत्पादों में पोषण संबंधी मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में किसी उत्पाद में निर्धारित पोषक तत्व की मात्रा कम या ज्यादा पाए जाने पर नियामक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, FSSAI ने Nestlé के एक follow-up formula milk product के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। नियामक की जांच में इस उत्पाद में Biotin (Vitamin B7) की मात्रा भारतीय निर्धारित मानकों के मुताबिक पर्याप्त नहीं पाई गई। इसके बाद नमूने की दोबारा जांच भी की गई और reanalysis में भी उत्पाद भारतीय बायोटिन मानकों को पूरा नहीं करता पाया गया।
FSSAI की कार्रवाई केवल इसी उत्पाद तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, दो अन्य Nestlé baby products—NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1—की labeling को लेकर भी adjudication cases दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में नियामक ने labeling से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की है।
कंपनी ने क्या कहा?
इस मामले पर Nestlé ने कहा है कि उसके उत्पाद लागू नियमों का पालन करते हैं। कंपनी के अनुसार, जिन labels को लेकर सवाल उठाए गए हैं, उन्हें पहले FSSAI की expert committee से approval मिला था। यानी कंपनी और नियामक के बीच उत्पादों के मानकों और labeling को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।
इसलिए इस मामले को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि FSSAI की कार्रवाई और कंपनी का पक्ष दोनों मौजूद हैं। अंतिम कानूनी और नियामकीय प्रक्रिया के परिणाम के आधार पर आगे की स्थिति और स्पष्ट होगी।
Biotin क्यों महत्वपूर्ण है?
Biotin को Vitamin B7 भी कहा जाता है। यह शरीर के लिए आवश्यक विटामिनों में शामिल है और शरीर में कई सामान्य जैविक प्रक्रियाओं में इसकी भूमिका होती है। शिशुओं और बच्चों के लिए बनाए गए खाद्य उत्पादों में पोषक तत्वों की मात्रा को निर्धारित मानकों के अनुसार रखना इसलिए महत्वपूर्ण होता है ताकि उत्पाद की nutritional composition तय नियमों के अनुरूप रहे।
हालांकि, किसी एक पोषक तत्व के मानक से कम पाए जाने की खबर को सीधे किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रभाव के रूप में नहीं समझना चाहिए। किसी उत्पाद के वास्तविक स्वास्थ्य प्रभाव के बारे में निष्कर्ष संबंधित वैज्ञानिक और नियामकीय मूल्यांकन के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
FSSAI की भूमिका क्या है?
FSSAI भारत में खाद्य सुरक्षा और मानकों से जुड़े नियमों के लिए प्रमुख नियामक संस्था है। इसका काम खाद्य पदार्थों के लिए निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों की निगरानी करना तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
जब किसी खाद्य उत्पाद के नमूने में निर्धारित मानकों से जुड़ी समस्या सामने आती है, तो नियामक उसके खिलाफ जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इसी प्रक्रिया के तहत Nestlé के संबंधित baby food product को लेकर कार्रवाई की गई है।
क्या उत्पाद वापस लिया जाएगा?
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, FSSAI ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की है, लेकिन रिपोर्ट में यह पुष्टि नहीं की गई है कि संबंधित उत्पाद को देशभर से अनिवार्य रूप से वापस लेने यानी recall का आदेश दिया गया है। इसलिए फिलहाल recall को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
आगे की कार्रवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के परिणाम पर निर्भर करेगी। अगर नियामक की ओर से कोई नया आदेश जारी होता है, तो उससे उत्पाद की बिक्री या उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
Nestlé के खाद्य उत्पादों को लेकर भारत में इससे पहले भी नियामकीय विवाद सामने आ चुके हैं। 2015 में Maggi noodles को लेकर खाद्य सुरक्षा से जुड़ा बड़ा विवाद हुआ था, जिसके बाद भारत में इसकी बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था। वह मामला अलग उत्पाद और अलग परिस्थितियों से जुड़ा था, इसलिए वर्तमान baby food मामले को उसी घटना के समान मानना सही नहीं होगा।
वर्तमान मामले में FSSAI की जांच का केंद्र baby food product में निर्धारित Biotin/Vitamin B7 की मात्रा और कुछ अन्य उत्पादों की labeling से जुड़े मुद्दे हैं।
ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है?
इस खबर के सामने आने के बाद बच्चों के लिए packaged food खरीदने वाले माता-पिता के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है। ऐसे में किसी सोशल मीडिया पोस्ट या अपुष्ट संदेश के आधार पर घबराने के बजाय संबंधित उत्पाद की official जानकारी, batch details और नियामकीय निर्देशों को देखना अधिक उचित है।
अगर किसी उत्पाद को लेकर FSSAI या कंपनी की तरफ से कोई specific recall या safety advisory जारी होती है, तो उसी के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में FSSAI की कानूनी कार्रवाई और कंपनी के अपने compliance संबंधी पक्ष दोनों सामने आए हैं।
आगे क्या होगा?
अब इस मामले में नियामकीय और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। FSSAI की कार्रवाई के बाद संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने और प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई का सामना करना होगा। वहीं, labeling से जुड़े मामलों में भी आगे के निर्णय सामने आ सकते हैं।
इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FSSAI की reanalysis में संबंधित follow-up formula product में Biotin की मात्रा भारतीय मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जबकि Nestlé ने अपने उत्पादों के compliance को लेकर अपना पक्ष रखा है।
इसलिए फिलहाल इस खबर को FSSAI की कानूनी कार्रवाई और जांच से जुड़ा मामला समझना सही है। आगे अगर नियामक की ओर से recall, प्रतिबंध या अन्य कोई आदेश जारी किया जाता है, तो तस्वीर और स्पष्ट होगी।
नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। किसी उत्पाद के स्वास्थ्य प्रभाव के बारे में व्यक्तिगत निष्कर्ष निकालने के बजाय आधिकारिक नियामकीय निर्देशों को प्राथमिकता दें।
