स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, 11 हजार इंटरनेशनल रन पूरे करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं
नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। एशियन गेम्स 2026 के महिला क्रिकेट फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए मंधाना ने 11,000 इंटरनेशनल रन पूरे कर लिए। वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस आंकड़े तक पहुंचने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बन गई हैं।
मंधाना के लिए यह उपलब्धि ऐसे समय आई जब भारतीय टीम एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल मुकाबले में श्रीलंका के सामने थी। मैच शुरू होने से पहले मंधाना को 11,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने के लिए केवल 13 रन की जरूरत थी। उन्होंने शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए यह ऐतिहासिक आंकड़ा हासिल कर लिया।
11 हजार रन का ऐतिहासिक आंकड़ा
स्मृति मंधाना ने टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को मिलाकर 11,000 रन का आंकड़ा पार किया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया।
मंधाना ने एशियन गेम्स के फाइनल में जिस अंदाज में यह उपलब्धि हासिल की, वह भी खास रहा। उन्होंने शुरुआत से ही श्रीलंका के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और शुरुआती चार ओवरों में ही तीन छक्के और तीन चौके जड़ दिए। इससे भारतीय टीम को तेज शुरुआत मिली।
45 गेंदों में 79 रन की तूफानी पारी
रिकॉर्ड बनाने के बाद भी मंधाना की बल्लेबाजी की रफ्तार कम नहीं हुई। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 45 गेंदों में 79 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 5 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। मंधाना का स्ट्राइक रेट करीब 176 का रहा।
मंधाना ने शेफाली वर्मा के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी हुई। शेफाली ने भी 29 गेंदों पर 48 रन बनाकर भारतीय पारी की रफ्तार बनाए रखी।
मंधाना की पारी तब समाप्त हुई जब वह अपना आठवां छक्का लगाने की कोशिश में डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर कैच हो गईं। हालांकि तब तक वह भारत को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा चुकी थीं।
भारत ने बनाया 216 रन का बड़ा स्कोर
स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की तेज शुरुआत के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और रिचा घोष ने पारी को आगे बढ़ाया। रिचा घोष ने अंत में सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद 49 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 6 चौके और 3 छक्के शामिल रहे।
भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 रन बनाए। यह एशियन गेम्स के महिला क्रिकेट गोल्ड मेडल मुकाबले में भारत का बड़ा स्कोर रहा। भारतीय बल्लेबाजों ने पूरे मैच में आक्रामक अंदाज बनाए रखा और श्रीलंका के सामने 217 रन का लक्ष्य रखा।
श्रीलंका की पारी 69 रन पर सिमटी
217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने यह मुकाबला 147 रन से जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
भारत की ओर से गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट लिए। शफाली वर्मा और श्री चरानी ने भी दो-दो विकेट हासिल किए। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा और उसे लगातार विकेट गंवाने पर मजबूर किया।
भारत ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड
इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल हासिल किया। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने हांगझोउ एशियन गेम्स में भी क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता था। 2026 में श्रीलंका के खिलाफ जीत के साथ भारत ने अपना खिताब बरकरार रखा।
यह जीत 2026 एशियन गेम्स में भारत का पहला गोल्ड मेडल भी बनी। फाइनल में टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने मिलकर एकतरफा मुकाबला तैयार किया।
मंधाना के नाम जुड़ा एक और बड़ा रिकॉर्ड
स्मृति मंधाना पहले से ही भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं। अब 11,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने के साथ उनके नाम एक और बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
मंधाना के लिए इस मुकाबले की खासियत सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं रही। उनकी 79 रन की पारी ने भारत को फाइनल में बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की और टीम ने अंत में 147 रन की बड़ी जीत हासिल की।
एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल मुकाबले में मंधाना की यह पारी और 11,000 इंटरनेशनल रन का रिकॉर्ड भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक यादगार उपलब्धि बन गया है।
